माँ तू ही मेरा सबकुछ

माँ तू ममता का सागर है ….
तुम्हीं से दुनिया वजूद यहाँ।
माँ तू ईश्वर का रूप है,
माँ तुम्ही से है मेरा जहाँ।

माँ तू ही मेरा सबकुछ,
न तुमसे प्यारी कोई अनुपम रूप।
मै बनके रहूँ सदा तेरे बेटा,
मुझमे खिली रहे ममता की धूप।

तुझे यशोदा पुकारू या और कुछ,
माँ तू ही मेरा सबकुछ।
हँसते-हँसाते मुझे बड़ा किया,
माँ तू ने झेली है कितनी दुःख।

सारे दुःख दूर हो जाता है,
माँ इतनी प्यारी है तेरी सुरत।
माँ तू जब दूर होती है,
तुमसे मिलने का होती है हसरत।

माँ तूने दी है अच्छे संस्कार,
और जलाई है ज्ञान दीप प्रकाश।
माँ तू ही मेरा सबकुछ,
माँ तुझ में हैं मेरा वास।

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