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#)) माँ तुम याद आती हो ((#

Ranjana Mathur

Ranjana Mathur

गीत

October 7, 2017

जब-जब चमकती है बारिश में बिजलियाँ
माँ तुम याद आती हो।
जब-जब बजती हैं कांच की चूड़ियाँ
माँ तुम याद आती हो।
जब-जब बनती हैं चूल्हे पर रोटियाँ
माँ तुम याद आती हो।
जब-जब पड़ती हैं कानों में लोरियाँ
माँ तुम याद आती हो।
जब-जब फिरती हैं बालों में उंगलियां
माँ तुम याद आती हो।
जब-जब उड़ती है आंखों से निंदिया
माँ तुम याद आती हो।
जब-जब होती हैं मन में बेचैनियां
माँ तुम याद आती हो।
जब-जब देखती हूँ भगवान् की सूरतिया
माँ तुम याद आती हो।

ऐसा कोई भी पल नहीं होता
जब तुम मुझसे दूर जाती हो।
सच तो यह है कि सांस की
हर आवन-जावन के साथ
माँ तुम याद आती हो।

—रंजना माथुर दिनांक 07/10/2017
मेरी स्व रचित व मौलिक रचना
©

Author
Ranjana Mathur
भारत संचार निगम लिमिटेड से रिटायर्ड ओ एस। वर्तमान में अजमेर में निवास। प्रारंभ से ही सर्व प्रिय शौक - लेखन कार्य। पूर्व में "नई दुनिया" एवं "राजस्थान पत्रिका "समाचार-पत्रों व " सरिता" में रचनाएँ प्रकाशित। जयपुर के पाक्षिक पत्र... Read more
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