मुक्तक · Reading time: 1 minute

माँ को भूल जाते हैं

जमाना यूँ बदलता है वफा को भूल जाते हैं ।
सदा कमजोर इंशा ही जफा को भूल जाते हैं ।।
कभी जो पांच बेटों को अकेले पाल लेती थी।
यहाँ अब पांच बेटे ही वो माँ को भूल जाते हैं ।।

— कवि देवेन्द्र शर्मा ” देव “

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--प्रारंभिक जीवन-- कवि देवेन्द्र शर्मा का जन्म 15 नबम्बर 1996 को उत्तर प्रदेश के बरेली जिले की तहसील मीरगंज के गांव करौरा में हुआ। इन्होंने अपनी शिक्षा मीरगंज में ही…
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