23.7k Members 50k Posts

माँ के बिना जिंदगी

जिंदगी ताश के पत्तों सी बिखर गई होती
अगर मेरे जिंदगी में माँ नहीं होती
कहने को ये सारा जहाँ अपना हैं
पर कुछ नहीं है जब माँ नहीं होती
जिंदगी ताश के …………………….
जिंदगी ऐसे तैसे सबकी कट जाती है
पर माँ के बिना कई हिस्सों में बंट जाती
है
पढ़ा इतिहास में माँ के बिना कोई कुछ नहीं होते
अगर यशोदा न होती तो शायद कृष्ण नही होते
मैं खुद नहीं होता गर माँ नहीं होती
जिंदगी ताश के……………………
संदीप राज़ आनन्द
प्रयागराज(इलाहाबाद)
उत्तरप्रदेश

This is a competition entry.

Competition Name: "माँ" - काव्य प्रतियोगिता

Voting for this competition is over.

Votes received: 29

7 Likes · 28 Comments · 258 Views
Sandeep Raaz Anand
Sandeep Raaz Anand
Kushinagar
10 Posts · 728 Views
Student of Hindi Sahitya University of Allahabad Blog:-sandeepraazart.wordpress.com Prayagraj (Allahabad) (Uttarpradesh)