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माँ के पल्लू में सारे सिक्के मिला करते हैं

Akib Javed

Akib Javed

गज़ल/गीतिका

December 7, 2017

घर पे छोड़ जाते हैं सारे बालाओं को
माँ के पल्लू में सारे सिक्के मिला करते हैं

माँ की दुआओ से फूल खिला करते है।
घर मे उन्ही से दिये रोशन हुआ करते है

अपने माँ बाप के हम दुलारे हुआ करते हैं
माँ के पल्लू में कई सिक्के मिला करते हैं

ए सबा उसके तब्बसुम से होकर ना गुज़रना
वो तेरी याद में अब रंजो गम हुआ करते हैं

वक्त की आंधयियो से मत घबराना कभी
ये तो बस इम्तेहान लेकर गुज़रा करते हैं

ये जो खद्दर पहने दिखते है कभी कभी
ये ही वो लोग हैं जो देश को लूटा करते हैं

नफरतो की आँधियों में मोहब्बत की संमा जलाये रख
बारहा लोग दर्द देकर यहाँ जख्म हरा करते हैं।।

®आकिब जावेद

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Author
Akib Javed
मेरा नाम आकिब जावेद हैं। मैं उत्तर प्रदेश में बाँदा जिले के बिसंडा कस्बे में रहता हूँ। पेशे से सरकार का नौकर हूँ। काम अपने मन का करता हूँ। कविता,ग़ज़ल,शायरी लिखने का शौख हैं। लिखता हूँ,कुछ सीख रहा हूँ। https://awajakib.blogspot.com... Read more

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