माँ की महिमा (दोहे)

माताजी के चरण की, महिमा रही अपार।
बस भगवन के रूप में, मुझे दिखी हर बार।।
माताजी के चरण है, हर भगवान से खास।
अब गुरुर कैसे करूं, बैठा नहीं उदास।।
माताजी के संग में, साथ रहे परिवार।
ऐसा जीवन धन्य है, नरक नहीं संसार।।
माताजी को कष्ट हो, कार्य और व्यवहार।
चाहे जितनी अर्चना, पूजा है बेकार।।
हर माता यह चाहती, बेटा बने सपूत।
जिन्दा ही मर जाय गी, कोई कहे कपूत।।

नाम-मुकेश भाई पटेल
तहसील-बिन्दकी
जिला-फतेहपुर

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Competition Name: साहित्यपीडिया काव्य प्रतियोगिता- "माँ"

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