माँ की भगवद्भक्ति

माँ की गोद में जब मैंने नयनाभिराम खोले थे ।
माँ ने अपने मुख से पावन शब्द सीताराम बोले थे ।।
माँ को सीताराम पतित पावन शब्द अतिप्यारा है ।
सीताराम की महिमा गान जग में अतिन्यारा है ।।
रामनाम का सुमिरन कर माँ मुझसे कहती है ।
सीताराम की माला सारी विपदा हरती है ।।
माँ की भगवद् भक्ति में राम नाम पालनहार है ।
रामनाम का जाप करो कहती होता बेड़ापार है ।।

निहाल छीपा
गाडरवारा
(यह रचना स्वरचित मौलिक एवं अप्रकाशित है इस प्रतियोगिता की सभी शर्ते मुझे मान्य है ।)

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Competition Name: साहित्यपीडिया काव्य प्रतियोगिता- "माँ"

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