माँ की अंतिम विदाई

माँ आपकी जो इच्छा थी अंतिम
पूर्ण की आज मैने,अपने हाथों
करके आपका अंतिम संस्कार
और करुँगी अस्थि विसर्जन विधि भी
हर वो संस्कार पूर्ण करुँगी माँ
बेटी होने का फर्ज निभाऊंगी माँ
बिन सहारे देख, बचनबद्ध हूँ माँ
विषम परिस्थिति में भी अटल हूँ माँ

कितना कष्ट पूर्ण रहा अंतिम पल माँ
और देख ये बेटी कुछ कर न सकी माँ
देखती रही पलपल,क्षणक्षण तड़फते हुए माँ
कितना दुखदायी था वो हर पल मेरे लिए माँ
आपने बोला था रोना नही मेरे लिए हिम्मत रखना
हंसते हंसते ही आपको विदा किया हैं बेटी ने माँ
आपकी हिम्मत वाली छवि देखी पल पल माँ
अंतिम साथ बिताए एक-एक दिन याद किये माँ

और बाद भी सब वैसे ही चलता रहा माँ
वो उसका मुझ पर अंतिम वक्त वार करना माँ
दिल को जैसे दहला सा गया सोचकर माँ
आपने कैसे समय को बिताया होगा चुपचाप वहाँ
लौट रही हूं अब धीरे-धीरे वापस खामोश सी माँ
अपने सारी यादों को पीछे छोड़कर माँ
आज फिर से एक नयी हिम्मत की तलाश में माँ
बस आपका अंतिम आशीष साथ मेरे है माँ
वही मेरी पूंजी हैं माँ
डॉ मंजु सैनी
गाजियाबाद

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