Skip to content

माँ का नहीं है कोई विकल्प

Ranjana Mathur

Ranjana Mathur

कविता

October 10, 2017

बिन माँ का रोता है नन्हा बच्चा
जब माँ की याद देती है रुला।
रात आती है मां की लोरी लेकर
निंदिया की गोदी में जाती है सुला।
माँ है सबसे अहम जहान में
माँ का नहीं है कोई विकल्प।
माँ के प्यार से नहीं मुकाबला
कोई भी प्यार ज्यादा करे या अल्प।

–रंजना माथुर दिनांक 10/10/2017
मेरी स्व रचित व मौलिक रचना
©

Share this:
Author
Ranjana Mathur
भारत संचार निगम लिमिटेड से रिटायर्ड ओ एस। वर्तमान में अजमेर में निवास। प्रारंभ से ही सर्व प्रिय शौक - लेखन कार्य। पूर्व में "नई दुनिया" एवं "राजस्थान पत्रिका "समाचार-पत्रों व " सरिता" में रचनाएँ प्रकाशित। जयपुर के पाक्षिक पत्र... Read more
Recommended for you