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माँ" ईश्वर से बढ़कर

माँ तेरे से बढ़कर दुनिया मे न कोई पाया है
ईश्वर को किसने देखा पर माँ से ही सब पाया है
तेरी ही खून पसीने से माँ जग दुनिया को पाया ह ।
कुछ नही पता दुनिया का चलना तूने ही सिखाया है।
खुद को भूखा प्यास रखकर खाना हमे खिलाया है।

माँ तेरे बढ़कर दुनिया मे ना कोई पाया है।
जग जग कर रातो माँ दूध तूने पिलाया है।
काम भी करती माँ पढ़ना हमे सिखाया है।
सच्चाई का पाठ भी माँ तूने ही सिखाया है
माँ तेरे से बढ़कर दुनिया में न कोई पाया है।

पैसे की तंगी में भी अच्छा खाना खिलाया है।
तेरी त्याग तपस्या को देखकर माँ गला भर आया है
माँ तेरे बढ़कर दुनिया में न कोई पाया है

अभिलाषा सिंह
फोन न 8860610909

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Competition Name: "माँ" - काव्य प्रतियोगिता

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Abhilasha Singh
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