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* मैं महक हूं *

भूरचन्द जयपाल

भूरचन्द जयपाल

मुक्तक

January 7, 2017

मैं महक हूं बस तूं मुझे महसूस कर
दूर हूं पर पास दिल से महसूस कर
एक दिन ये ख़्वाब ही हक़ीक़त बने
जाफ़रानी खुशबू ना दिल से दूर कर।।
?मधुप बैरागी

Author
भूरचन्द जयपाल
मैं भूरचन्द जयपाल सेवानिवृत - प्रधानाचार्य राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कानासर जिला -बीकानेर (राजस्थान) अपने उपनाम - मधुप बैरागी के नाम से विभिन्न विधाओं में स्वरुचि अनुसार लेखन करता हूं, जैसे - गीत,कविता ,ग़ज़ल,मुक्तक ,भजन,आलेख,स्वच्छन्द या छंदमुक्त रचना आदि में... Read more
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