महामारी

‘महामारी’
प्रचण्ड होने पर
मारती है
सबसे पहले
धीरे-धीरे
मानवता को,
कोरोना के कहर ने
सिद्ध कर दिया है
एक प्रमेय की तरह.
यही सिद्ध किया था
प्लेग ने
कोरोना ने तो बस,
इतिहास को दुहराया है.
…….

विरान अट्टालिकाओं
पर बैठे विहग
चौक जाते हैं
आहट से,
मनुज के होने के संकेत से
लगता है दाना मिलेगा,
पर यह क्या ?
वह तो सन्नाटे को चीरता
चला गया,
विकलित
विश्रांत-क्लांत-शांत
एकांत में.
……..

यह भी सच है
महामारी से युद्ध में
अंततः
विजयी मानव ही हुआ है
कोरोना भी हारेगा,
हम लिखेंगे
धैर्य व साहस की
नई इबारत.

(3 अप्रैल 2020)

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विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में 1000 से अधिक लेख, कहानियां, व्यंग्य, कविताएं आदि प्रकाशित। 'कर्फ्यू में शहर'...
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