*महादेव *

*महादेव *

हे देवों के देव महादेव!
तुम ही सत्य हो
तुम ही शिव हो
तुम ही सुंदर हो
हर-हर महादेव ।

तूने पिया विष हलाहल
हमसब को दिया अमृत
नीलकंठ कहलाते हो
हर-हर महादेव ।

जटा में गंगा विराजे
मस्तक पे चंद्र शोभे
त्रिपुरारि कहलाते हो
हर-हर महादेव ।

गले में शोभे काली नाग
हाथों में है डमरू व त्रिशूल
महाकाल कहलाते हो
हर-हर महादेव ।

तन पे भसम रमा के
मुंडमाल हार पहनके
औघरदानी कहलाते हो
हर-हर महादेव ।

सति संग ब्याह रचायो
गजानन के पिता कहायो
उमापति शंकर कहलाते हो
हर-हर महादेव ।

भक्तों के हो रक्षक
दुष्टों के हो संहारक
त्रिनेत्रधारी कहलाते हो
हर -हर महादेव ।

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सरस्वती कुमारी (शिक्षिका )ईटानगर , पोस्ट -ईटानगर, जिला -पापुमपारे (अरूणाचल प्रदेश ),पिन -791111.
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