Oct 24, 2020 · कविता
Reading time: 1 minute

*”महागौरी मैया”*

“महागौरी माँ ”
हे महागौरी माँ तुम्हें नमन करूँ,
अष्टमी तिथि चरणों में शीश झुकाती।
सुंदर स्वरूप शिव वरदान से ,
गौर वर्ण शोभित मुदित मन हर्षाती।
अष्टमी पूजन हवन यज्ञ अंखड ज्योति,
खुश होकर मनवाँछित फल दे जाती।
सिंह पे सवार होकर ,शिव अर्धागिनी महागौरी कहलाती।
पाप ताप संताप दूर कर,
दुष्टों का संहार कर सुख शांति दे जाती।
सुर नर मुनि मैया तेरे गुण गाते,
भक्ति साधना से सब कार्य संभव कर जाती।
दीन हीन दुखियों की विनती पुकार,
अंतर्मन में शक्ति जगा उम्मीद का दीप जलाती।
या देवी सर्वभुतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
जय महागौरी माँ जय माता दी 🙏🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷🌹🌷
*शशिकला व्यास*

1 Like · 1 Comment · 53 Views
Copy link to share
Shashi kala vyas
316 Posts · 18.2k Views
Follow 23 Followers
एक गृहिणी हूँ पर मुझे लिखने में बेहद रूचि रही है। हमेशा कुछ न कुछ... View full profile
You may also like: