महंगी जिंदगी

*घर गुलज़ार, सूने शहर, बस्ती बस्ती में कैद हर हस्ती हो गई,*
*आज फिर ‘ज़िन्दगी महँगी’ और ‘दौलत सस्ती’ हो गई ।*

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Myself Naseeb Jinagal Koslia Am An Story/Script Writer. Singer And Actor.
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