मस्ती हो, हंसती जीवन हस्ती l

मस्ती हो, हंसती जीवन हस्ती l
सहज सरल चलेगी, जीवन कस्ती ll

सत्य व असत्य, दोनो संग मस्ती l
दुख संग मस्ती व सुख संग मस्ती ll

न बसने दो, दुविधाओं की बस्ती l
बुद्धीमता वृद्धि, जब रहे मस्ती ll

ना हो गंदगी, न गमों की गस्ती l
ये प्यास, क्यों करे जिंदगी सस्ती ll

अरविन्द व्यास “प्यास”

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