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” ————————————————– मस्ती का ऐहसास ” !!

भगवती प्रसाद व्यास

भगवती प्रसाद व्यास " नीरद "

गीत

August 31, 2017

आस लगाए बैठी जानो , अधखिले कंवल हैं हाथ !
चेहरे पर मुस्कान सजी औ , आंखों में फरियाद !!

छुप छुप कर मिलते थे पहले , डरते कोलाहल से !
इसी किनारे बैठे हमने , नये रचे इतिहास !!

पायल है खामोश भले ही , छन छन ना है भूली !
यादों के झोंके करवाते , मस्ती का ऐहसास !!

विश्वासों पर कायम रिश्ता , डिगना बड़ा कठिन है !
ठोस धरातल पर रख दी है , प्यार भरी बुनियाद !!

परछाई से डर लगता है , कभी मोहती मन को !
मधुबनी श्वासों पर बुनते , हम जीने के अंदाज़ !!

मदिर मदिर पल लगे सुहाने , साथ तुम्हारा पाकर !
पँख लगाकर हवा में उड़ लूं , ज्यों पंछी हो आज़ाद !!

दिवास्वप्न तुमने दिखलायें , चाह जगाई ऐसी !
साथ अगर तुम ना दे पाए , टूट जाएगी आस !!

बृज व्यास

Author
भगवती प्रसाद व्यास
एम काम एल एल बी! आकाशवाणी इंदौर से कविताओं एवं कहानियों का प्रसारण ! सरिता , मुक्ता , कादम्बिनी पत्रिकाओं में रचनाओं का प्रकाशन ! भारत के प्रतिभाशाली रचनाकार , प्रेम काव्य सागर , काव्य अमृत साझा काव्य संग्रहों में... Read more
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