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मरहम लगा दे ज़ख्मो पर….

seervi prakash panwar

seervi prakash panwar

मुक्तक

July 9, 2017

मरहम लगा दे ज़ख्मो पर,
तड़प रहा में तेरे लफ्ज़ो पर,
एक रूप जड़ा था आँखों में,
बह रहा हैं आज अश्क़ों में,
धूप पड़ी तेरे हाथों पर,
छवि बना दे मेरे हाथो पर,
आँख लगी हैं तेरी आहट से,
ज़रा धड़कन बढ़ा दे तेरे होठो से,

बेरूप से इन सुखों को पानी की ज़रूरत हैं,
भीगे इन नैनों को हाथों की ज़रूरत हैं,
मुझे मंजूर नहीं इश्क़ की ये आंधी सी हवाएँ,
मगर रूखे इस हुस्न को इश्क़ की ज़रूरत हैं।
–सीरवी प्रकाश पंवार

Author
seervi prakash panwar
नाम - सीरवी प्रकाश पंवार पिता - श्री बाबूलाल सीरवी माता - श्री मती सुन्दरी देवी जन्म - 5 जुलाई 1997 पता - अटबड़ा, तह-सोजत सिटी, जिला- पाली राजस्थान शिक्षा - इंजीनियरिंग(वर्तमान) रुचि- लेखक(writer) संपर्क - 9982661925 Facebook-www.fb.com/seerviprakashpanwar Blog-www.seerviprakashpanwar.blogspot. com... Read more
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