मन

फिर सपनों की रखवाली में निरत हुआ मन ।
तुम बिन सूनी फुलवारी से विरत हुआ मन ।

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पढ़ने-लिखने में रुचि है स्तरीय पढ़ना और लिखना अच्छा लगता है साहित्य सृजन हमारे अंतर्मन...
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