कविता · Reading time: 1 minute

मनोविनोद…….

मनोविनोद ……

सुना है जोडियाँ स्वर्ग मे बनती है,
अगर यह वास्तविकता है तो……
वजिब है वहां भी हो घोटालो
और रिश्वत का बोलबाला …।
क्योकि——->>>
हमने तो यहां कई हूरो की किस्मत में लंगूर,
और कई बाँको को बंदरिया ..मिलते देखा है ।।

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नाम: डी. के. निवातिया पिता का नाम : श्री जयप्रकाश जन्म स्थान : मेरठ , उत्तर प्रदेश (भारत) शिक्षा: एम. ए., बी.एड. रूचि :- लेखन एव पाठन कार्य समस्त कवियों,…
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