Jul 4, 2016 · कविता
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मनोविनोद…….

मनोविनोद ……

सुना है जोडियाँ स्वर्ग मे बनती है,
अगर यह वास्तविकता है तो……
वजिब है वहां भी हो घोटालो
और रिश्वत का बोलबाला …।
क्योकि——->>>
हमने तो यहां कई हूरो की किस्मत में लंगूर,
और कई बाँको को बंदरिया ..मिलते देखा है ।।

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डी. के. निवातिया
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नाम: डी. के. निवातिया पिता का नाम : श्री जयप्रकाश जन्म स्थान : मेरठ ,... View full profile
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