मुक्तक · Reading time: 1 minute

मनोरम तेरा रूप

1.

मनोरम तेरा रूप
स्वस्थ तेरे विचार हो जायेंगे

गर तू संकल्प मार्ग को
अपने जीवन का ध्येय कर लेगा

2.

विलासिता की राह पर चलकर
कभी सपने साकार नहीं होते

भटक जाते हैं वो राही
जिनके मंजिल की दिशा में कदम नहीं होते

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