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मनुआँ काला, भैंस-सा

बृजेश कुमार नायक

बृजेश कुमार नायक

दोहे

June 28, 2017

गंगाजल के बीच में, तन धोबें बन भैंस |
मनुआँ काला, भैंस-सा,जे अच्छे या भैंस ||

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बृजेश कुमार नायक
“जागा हिंदुस्तान चाहिए” एवं “क्रौंच सुऋषि आलोक”कृतियों के प्रणेता
जागा हिंदुस्तान चाहिए कृति की पंक्तियाँ
28-06-2017

Author
बृजेश कुमार नायक
एम ए हिंदी, साहित्यरतन, पालीटेक्निक डिप्लोमा जन्मतिथि-08-05-1961 प्रकाशित कृतियाँ-"जागा हिंदुस्तान चाहिए" एवं "क्रौंच सुऋषि आलोक" साक्षात्कार,युद्धरतआमआदमी सहित देश की कई प्रतिष्ठित पत्र- पत्रिकाओ मे रचनाएं प्रकाशित अनेक सम्मानों एवं उपाधियों से अलंकृत आकाशवाणी से काव्यपाठ प्रसारित, जन्म स्थान-कैथेरी,जालौन निवास-सुभाष नगर,... Read more
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