* मत भूलना माँ का प्यार *

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भूल जाओ हर बात चाहे
मत भूलना माँ का प्यार
जान से भी ज्यादा तुमसे
उसने सदा किया है प्यार ।

परवाह नहीं की जान की भी
तुमको पाने की खातिर
जीवन अपने से खेल गई
तुमको पैदा करने की खातिर ।

खुद गीले में सोई मगर
तुमको सूखे में सुलाया
नींद न आई जब तुमको
बाँहों में उसने झुलाया ।

खून अपने से सींचा
छाती का दूध पिलाया
तेरी खुशियों की खातिर
उसने अपना दर्द भुलाया

खुद से पहले उसने तुमको
खाना सदा खिलाया
खुद भले ही भूखी रही
पर तुमको ना भूखा सुलाया ।

ममता की छाया में
तुमको सदा बिठाया
खुद भले ही रोती रही
तुमको कभी ना रुलाया

जब भी आँख में आँसू देखे
झट सीने से लगाया
पूछ के पीड़ा उसने तेरी
फट से उसे मिटाया

दुखड़े भले ही कितने सहती
फिर भी मगर वो हंसती रहती
तेरी ही ख़ुशीयों की खातिर
दिन रात वो खपती रहती ।

तुम से ही शुरू माँ का संसार
तुम्हें देखकर ही है जीती
प्यार और ममता की मूरत माँ
तेरे लिए हर जहर है पीती ।

भूल जाओ हर बात चाहे
मत भूलना माँ का प्यार
जान से भी ज्यादा तुमसे
उसने सदा किया है प्यार ।
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