कविता · Reading time: 1 minute

मतदान

मतदान हमारा अधिकार है,
इसको करना नही बेकार है
सोच-समझ कर देना भाई
दागी-दबंग नही स्वीकार है ।

जनमानस का जो रखे ख्याल
वही होता है दीनदयाल
लोक-लुभावन भाषण पर
नही रीझे कोई
जो सर्वहित पर ध्यान दे
वही नेता होई ।

भेड़ -भेड़ियों वाला हाल है इनकी
बस चिकनी -चुपड़ी बात है इनकी
जान लेना तुम दोहरे चेहरे
असामाजिक तत्वों को ये बनाते हैं मोहरे ।

नोट पर नही वोट देना
बस काम का हिसाब लेना
स्वच्छ छवि का नेता चुनना
अपनी मन की बाते सुनना

मेरी है यही विनती
नेताओं की कामों की करना तुम गिनती ।

साहिल का मत आपके साथ….

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