मतदान (भोजपुरी)

भईया भागीदार तुहूँ देशवा के विकाश क,
करिह आपन मतदान तू।
बबुआ हिस्सेदार तुहूँ गउवां अऊर समाज क,
करिह आपन मतदान तू।।

नइखीन कहत की काज करम, आपन तुहूँ छोड़,
नइखीन कहत की तुहूँ खुद के, राजनीति से जोड़।

बस बाटे विनती दे द इहे योगदान हो,
करिह आपन मतदान तू।
बहिना लोकतंत्र के रक्षा तोहरे हाथ हो,
करिह आपन मतदान तू।।

चाचा भागीदार तुहूँ देशवा के विकाश क,
करिह आपन मतदान तू।
बाबू हिस्सेदार तुहूँ गउवां अऊर समाज क,
करिह आपन मतदान तू।।

खूबे देख, खूबे जाँच, खूबे इनसे सवाल तू पूछ,
ई ह तोहार हक़ चाहे, उम्मीदवार के जैसे बुझ।

जे लागे उचित बस ओकर बढ़ाव मान हो,
करिह आपन मतदान तू।
बचिया कर्णधार तु इज़्ज़त अऊर सम्मान क,
करिह आपन मतदान तू।।

बनिह भागीदार तुहूँ देशवा के विकाश क,
करिह आपन मतदान तू।
हऊव हिस्सेदार तुहूँ गउवां अऊर समाज क,
करिह आपन मतदान तू।।

©® पांडेय चिदानंद “चिद्रूप”
(सर्वाधिकार सुरक्षित २८/०३/२०१९ )

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