मतदान और नेता

जहाँ वोटों की है गंगा वहाँ गोता लगाना है
भँवर से पाँव भी नेताओं को अपना बचाना है

किया पापों का निष्पापन लुटाकर दौलतें अपनी
खरीदा हाट वादों का बढा दी कीमतें अपनी
इन्हें जनता को कैसे भी यहाँ मूरख बनाना है
जहाँ वोटों की है गंगा वहाँ गोता लगाना है

न हिन्दू से न मुस्लिम से इन्हें वोटों से मतलब है
सियासत धर्म की करके दिखाते सिर्फ करतब है इन्हें कैसे भी हो आपस में हम सबको लड़ाना है
जहाँ वोटों की है गंगा वहाँ गोता लगाना है

चलो मतदान करके हम समस्या को ही सुलझा दें
जो दागी नेता है रस्ता उन्हें बाहर का दिखला दें
जरूरी कुम्भ अब मतदान का सबको नहाना है
जहाँ वोटों की है गंगा वहाँ गोता लगाना है

10-04-2019
डॉ अर्चना गुप्ता
मुरादाबाद

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