Jun 13, 2016 · कविता
Reading time: 1 minute

मजहब हिन्दुस्तान

ना मैं सिख ना मैं ईसाई, ना ही हिंदू मुसलमान हूं मैं।
ना मैं बाइबल ना मैं ग्रंथ, ना ही गीता कुरान हूँ मैं।
शर्म करो मजहब पर लडने वालों, इंसानियत ही है धर्म मेरा।
ना झोंको मुझे इस आग में, तुम सबका हिंदुस्तान हूँ मैं।

102 Views
Copy link to share
Dr ShivAditya Sharma
19 Posts · 4.6k Views
Follow 3 Followers
Consultant Endodontist. Doctor by profession, Writer by choice. बाकी तो खुद भी अपने बारे में... View full profile
You may also like: