कविता · Reading time: 1 minute

मजदूर

लड़ता है मजदूर अपने हालात से
दो जून की रोटी के लिए
रोता है छुप-छुप कर
सुला देता है अपने बच्चों को
ये कहकर सो जाओ जल्दी से
सपने में आता है मसीहा
घी से चुपड़ी हुई रोटी लेकर

राज स्वामी

#मजदूरदिवस
#मजदूर
#अंतरराष्ट्रीयमजदूरदिवस
#मजदूर_हूँ

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राज स्वामी (हिन्दी युवा लेखक ) गज़ल,कविता,कहानी लेखक ओर आलोचक सम्पर्क सत्र ओर पता - राज स्वामी, वीपीओ परलीका, नोहर हनुमानगढ़ [राजस्थान] 335504 दूरभाष - 9929745387,9924745387
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