कविता · Reading time: 1 minute

मखमली बदन

अक्षर-दर-अक्षर
शब्द-दर-शब्द
जोड़कर बनाता हूँ
कुछ पंक्तियाँ…
कुछ गीत…
कुछ कविताएँ…
जिन्हे उतारना चाहता हूँ
तुम्हारे मखमली बदन के केनवास पर
तुम्हारे प्रेम के रंग में…..रंग कर

Suneel Pushkarna

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