Dec 26, 2020 · कविता
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भइया हम कोरोना हैं

भइया हम कोरोना हैं
क्या हिन्दू? क्या मुस्लिम?
आज संपूर्ण विश्व के लिए एक मात्र रोना हैं।
काहें की भइया हम कोरोना हैं।

आप सब एक हो जाओ
जितना ज्यादा संभव हो सामाजिक दूरी बनाओ
वरना हम तुम्हारी जान और उस खौफनाक मंजर के लिए एक मात्र रोना हैं..
काहें की भइया हम कोरोना हैं।

हमारी न कोई जात है न धरम, देश की सीमा है
तुम्हारी मौत मेरे लिए एक मात्र खिलौना है।
संभल जाओ भइया
हम खतरनाक कोरोना हैं।
लोगों से मिलना-जुलना बन्द कर दो
वरना तुम्हारे परिवार के लिए भी हम ही रोना हैं..
काहे की भइया चीन से आये हम
सबके लिए खतरनाक कोरोना हैं।
– सिद्धांत सोनकर
जौनपुर (उ.प्र.)

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Siddhant Sonkar
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मैं एक विद्यार्थी हूँ और प्रयागराज में रहकर सिविल सर्विसेज की तैयारी करता हूँ। कहानी... View full profile
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