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भैया -भाभी

डॉ मधु त्रिवेदी

डॉ मधु त्रिवेदी

कविता

November 4, 2016

भैया – भाभी लगते ऐसे
श्वेत हँसों का जो जोड़ा जैसे
एक दुआ अर्ज है खुदा से
सदा सिंगार बने एक दूजे के

मुस्कां आपकी भाभी में सजती
हास की धार हृदय से गिरती
खता गर कोई हमसे जो होती
भाभी नजरअंदाज तुमसे करती

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डॉ मधु त्रिवेदी
डॉ मधु त्रिवेदी प्राचार्या शान्ति निकेतन कालेज आगरा स्वर्गविभा आन लाइन पत्रिका अटूट बन्धन आफ लाइन पत्रिका झकास डॉट काम जय विजय साहित्य पीडिया होप्स आन लाइन पत्रिका हिलव्यू (जयपुर )सान्ध्य दैनिक (भोपाल ) सच हौसला अखबार लोकजंग एवं ट्र... Read more
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