.
Skip to content

भूलना भी अच्छी बात है

Vindhya Prakash Mishra

Vindhya Prakash Mishra

कविता

October 11, 2017

स्वरचित
भूलने की आदत से परेशान हूं
क्या करू मै भी एक इंसान हूं
रख देता हू कही रखकर भूल जाता हूं
फिर भी मै भुलक्कड नही कहलाता हू्ं
भूलता हू एहसान करके मदद करके
मै ही नही वह भी भूलता है फरामोश बनकरके
नफरत दर्द तो पलभर बाद हीभूल जाता हूं
आश्चर्य है मुझे मै भुलक्कड नही कहलाता हू |
वो नफरत दर्द देता नही तो भूल अच्छी है
फिर मै भूला हूं मेरी याद्दास्त जो कच्ची है|

Author
Vindhya Prakash Mishra
Vindhya Prakash Mishra Teacher at Saryu indra mahavidyalaya Sangramgarh pratapgarh up Mo 9198989831 कवि, अध्यापक
Recommended Posts
मजदुर हूं मै,मजबुर नही
"जीवन कण्टक भरा है मेरा ना हार मै कभी मानने वाला हर दर्द मै सहके जी लेता हू मजदुर हू मै, मजबुर नही , सिमटके... Read more
मै दोषी नही जितना पायी गई हूं
मैं उलझती नही जितना उलझायी गयी हू मैं गिरती नही जितना गिरायी गयी हूं.. मैं रोती नहीं, जितना रूलाई गयी हूं मैं बहकती नही, जितना... Read more
व्यथा ..निम्न मध्यम वर्ग की
NIRA Rani कविता Aug 23, 2016
व्यथा ...मध्यम वर्गीय की.. मै निम्न मध्यम वर्गीय परिवार का एक कमाउ ....पर लगता है बेरोजगार युवक हूं कमाता इतनी हूं कि पेट भर सकूं... Read more
जगमगायेगा जुगनू मै ठानता हू माँ
Ashish Tiwari गीत Jul 8, 2016
मै तेरी हर बात दिल से मानता हू माँ ! तेरे दुःख दर्द सपने मै जानता हू माँ !! वादा करता हू तुझसे वो कर... Read more