.
Skip to content

भूख

सगीता शर्मा

सगीता शर्मा

कविता

February 27, 2017

??????.
भूख.
???????
इंसा भूख के आगे हारा.
कित जाये फिर वो बेचारा.
इक टुकडा रोटी को तरसा.
चोर बना जग उसपे बरसा
घर में माँ भी भूखी बैठी.
किसमत क्यू उससे है रूठी
कैसे कमाये समझ न आये
किसके आगे हाथ फैलाये.
पेट की आग बुझेगी कैसे.
खाली पेट कटेगी कैसे.
????????
संगीता शर्मा.?????26/2/2017

Author
सगीता शर्मा
परिचय . संगीता शर्मा. आगरा . रूचि. लेखन. लघु कथा ,कहानी,कविता,गीत,गजल,मुक्तक,छंद,.आदि. सम्मान . मुक्तर मणि,सतकवीर सम्मान , मानस मणि आदि. प्यार की तलाश कहानी पुरस्क्रति.धूप सी जिन्दगी कविता सम्मानित.. चाबी लधु कथा हिन्दी व पंजाबी में प्रकाशित . संगीता शर्मा.
Recommended Posts
भूख
पेट की अँतरियों पर जब बल पर जाता है रेगिस्तान की सूखी रेत की तरह जब होंठ सूख जाते है चलते चलते जब पैरों में... Read more
हाइकु :-- पेट की आग !!
!! पेट की आग !! हाइकु पेट की आग ! ठण्डा ना कर सका , ये ठण्डा माघ !! तपती भूख ! आज रात का... Read more
भूख रोती है, तिलमिलाती है
भूख रोती है, तिलमिलाती है, सूखे होंठों को ये जलाती है, अपनी बेचैनी के सभी किस्से, झांक कर आँखों से दिखाती है। भूख रोती है,... Read more
- ## - भूख  - ## -
भूख है वह बीमारी जिससे कोई न बच पाया। जन्म से लेकर अंत सांस तक अपना पीछा न छुड़ा पाया।। भूख वो बुरी है लत... Read more