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” भूख और बादाम “

पूनम झा

पूनम झा

लघु कथा

September 26, 2017

“अरे मुनिया चल । यहाँ क्यों खड़ी है ?”–झुनकी बोली ।
मुनिया –“सेठ कुछ बांट रहा है । शायद कोई खुशी की बात होगी ।”
दुकान के सामने हथेली फैलाये मुनिया भी खड़ी धी ।
एक मुट्ठी बादाम उसकी हधेली में सेठ ने रख दिया ।
झुनकी ने भी मांग लिया ।
झुनकी मुँह बनाती हुई ( मुनिया से ) –“अरे हट इससे क्या पेट भरेगा अपना ।”
मुनिया–“पेट क्यों नहीं भरेगा ? चल मेरे साथ ।”
बादाम लेकर मुनिया आगे चलने लगी और एक होटल के पास आकर –“ऐ काका जी, ये बादाम लेलो और इसके बदले में रोटी सब्जी दे दो ।”
–पूनम झा
कोटा राजस्थान 26-09-17

Author
पूनम झा
मैं पूनम झा कोटा,राजस्थान (जन्मस्थान: मधुबनी,बिहार) से । सामने दिखती हुई सच्चाई के प्रति मेरे मन में जो भाव आते हैं उसे शब्दों में पिरोती हूँ और यही शब्दों की माला रचना के कई रूपों में उभर कर आती है।... Read more
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