मुक्तक · Reading time: 1 minute

भुजंगी छन्द

करें वायदा तो निभाएं वहीं
भले साथ कोई चले या नहीं
खुशी ही मिलेगी ज़रूरी कहां
दुखों को मिटादे उसी का यहां।।।
कामनी गुप्ता ***
जम्मू !

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