Apr 14, 2021 · कविता
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भीम वही है सबका प्यारा

जिसने हमको एक बनाया,
समतामूलक पाठ पढ़ाया।
एक डोर मे बाँधा सबको,
ऊँच नीच कहते थे जिनको।

आज दिवस है सभी मनाते
पर आदर्श नही अपनाते।
एक दिवस बस दोगे नारा,
नही मिटेगा ये अंधियारा।

शिक्षा को हथियार बनाओ,
रागद्वेष को दूर भगाओ।
याद रहे वो भाग्य विधाता,
जिसने जोड़ा सबसे नाता।

जिसने हमको हक दिलवाया,
जिसकी गाथा जग ने गाया।
नमन करे जिसको जग सारा,
भीम वही है सबका प्यारा।

जाति धर्म का भेद मिटाओ,
भारत माता की जय गाओ।
संविधान ही धर्म हमारा,
रोज “जटा” ने यही विचारा।
✍️ जटाशंकर”जटा”
१४-०४-२०२१

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Jatashankar Prajapati
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