Jun 19, 2018
हाइकु · Reading time: 1 minute

भाव विश्व

समय डूबा
विचार पतझड़
नई पुरानी
…….
प्रेम विरह
बढ़ता अविरत
तूफ़ानी राहें
….
मर्यादा छूटी
विलक्षण सुंदर
नारी चल दी
….
जहां में सारे
मचलता फिरता
मेरा आशियां
….
वक्त बेवक्त
यादों का दोहराना
सुन्न दिमाग़
….
कहां से आए
ढूंढ़ती उम्रभर
सभी पीढ़ियां
….
मंज़िल देखीं
दौड़ पडी चांदनी
चन्दा की आस

घिरा है मन
विचारों के बादल
रुक्ष आसव
….

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