23.7k Members 50k Posts

भारत माँ की चालीसा

मित्रो हमने बहुत सी चालीसा पढ़ी है।लेकिन आज अपने भारत माँ के लिए मेरा एक प्रयास।।
??भारत माँ की चालीसा??

जय जय जय हे भारत माता।
तुम त्रिभुवन की भाग्य विधाता।।1।।

वेद, पुराण,तुमहि नित ध्यावै।
धरती,अम्बर ध्यान लगावै।।2।।

शस्य श्यामलां धरा तुम्हारी।
इस जहान में सबसे प्यारी।।3।।

छः ऋतुयें भारत में आये।
शरद शिशिर हेमंत सुहाये।।4।।

ग्रीष्म,वसंत व वर्षा राजे।
*चहुँदिसि*भारत महिमा साजे।।5।।

निशदिन सागर *पाँव* पखारे।
भागीरथी सृष्टि को तारे।।6।।

हिन्द अरब नित शीश झुकावे।
भारत माता के गुण गावे।।7।।

गंगा,सरयू,सिंधु निवासा।
ब्रह्मपुत्र नर्मदा के वासा।।8।।

कावेरी,यमुना नित बहती।
जय जय जय भारत माँ कहती।।9।।

रावी, झेलम पतित पावनी।
यती सती के मनहि भावनी।।10।।

सिर पर मुकुट हिमालय साजे।
विंध्याचल पश्चिम में राजे।।11।।

अरावली की कीर्ति बखानी।
नीलगिरि पावन सम्मानी।।12।।

इसी कंदरा ऋषि मुनि रहते।
मानसरोवर इनसे बहते।।13।।

अद्भुत रक्षक बना हिमालय।
शिव *शम्भू* का यह है आलय।।14।।

अति विशाल भारत की गाथा।
सदा झुकाओ इसको माथा।।15।।

इनसे जड़ी बूटियां मिलती।
अद्भुत उपवन इन पर खिलती।।16।।

यही बसी रहती माँ अम्बे।
वैष्णो,काली या जगदम्बे।।17।।

यह गीता का गान सुनाया।
रामचरित मानस यह गाया।।18।।

वेद, पुराण की अद्भुत माया ।
जन जन को यह देश सुनाया।।19।।

सदा भागवत ज्ञान सुनाता।
बुद्धि विवेक इसी से आता।।20।।

कृष्ण ने पावन गीता *बाँची*।
रामचरित है जग में *साँची*।।21।।

कालिदास तुलसी सम ज्ञानी।
धन्वंतरि अश्वनि विज्ञानी।।22।।

वेदव्यास जी मान बढ़ावै।
सब मिल भारत गान सुनावै।।23।।

नीति निपुण हर शास्त्र के ज्ञाता।
भारत महिमा जग विख्याता।।24।।

काशी मथुरा यही निवासा।
अति पावन प्रयाग करि वासा।।25।।

अमरनाथ *की* महिमा भारी।
अवध भूमि जन हित उपकारी।।26।।

राम,कृष्ण इस भूमि पधारे।
शिव अवधरदानी तन धारे।।27।।

पवन पुत्र है सदा सहायक।
श्री गणेश पूजन के लायक।।28।।

जहाँ लक्ष्मण भरत से भ्राता।
भ्रात प्रेम में राज न भाता।।29।।

शीतल चन्दन यही निवासा।
पीपल बरगद पूजा जाता।।30।।

प्रथम सूर्य जिस देश में आये।
शीतल चंद्र शीश नित ध्याये।।31।।

मनु ने मानव यही बनाये।
भागीरथ हैं *गंगा लाये*।।32।।

ज्योतिष शास्त्र *जहाँ*जग सीखा।
प्रथम शून्य तुम में ही दीखा।।33।।

विश्वगुरु बन ज्ञान सिखाया।
धर्म ज्ञान तुम से ही आया।।34।।

भारत माँ जग दास तुम्हारा।
तुमने ही जग को उद्धारा।।35।।

माँ की महिमा कब तक *गाऊँ*।
पुत्र हूँ मैं क्या मान बताऊँ।।36।।

जान दिया है मान दिया है।
माँ तुमने सम्मान दिया है।।37।।

सदा मात कृपा बरसाओ।
राम कृष्ण फिर से उपजाओ।।38।।

जो यह पढ़े भारत चालीसा।
देश भक्ति की बढे लालसा।।39।।

मदन कहत है नत कर माथा।
सब मिल गाओ भारत गाथा।।40।।

??????????????
कृतिकार
सनी गुप्ता मदन
9721059895
अम्बेडकरनगर यूपी
(सर्वाधिकार सुरक्षित)

1 Like · 129 Views
sunny gupta
sunny gupta
10 Posts · 536 Views
You may also like: