गीत · Reading time: 1 minute

भारत का संविधान

आस्था अर विश्वास का, मूल्यों का है मंत्र
इक किताब है न्याय की , भारत का गणतंत्र

यहाँ धर्मनिरपेक्षता, समानता का सार
प्रेम और निष्पक्षता , है इसका आधार
जनता के हाथों चले , ऐसा है ये यंत्र
इक किताब है न्याय की, भारत का गणतंत्र

देता अपने ढंग से,जीने का अधिकार
मगर निभा कर नीतियाँ, कर्तव्यों का भार
भेदभाव से दूर ये,ऐसा शासन तंत्र
इक किताब है न्याय की, भारत का गणतंत्र

सद्भावों की राह पर, चलना इसका धर्म
निर्बल को करना प्रबल, इसका अपना कर्म
करना है हित देश का,यही फूंकता मंत्र
इक किताब है न्याय की, भारत का गणतंत्र

26-11-2019
डॉ अर्चना गुप्ता
मुरादाबाद

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