कविता · Reading time: 1 minute

*** भाई दूज की बधाई ***

राखी पर सजती है कलाई।
भाई दूज आज है आई।
उस दिन बहने घर है जाती।
आज आयेंगे खुद के भाई।
बहन – भाई का अमर यह रिश्ता।
चाहे इक – दूजे की भलाई।
बधाई – बधाई भाई दूज की बधाई।।
भूल के भी न ही,
इन रिश्तों में लड़ाई।
टीका लगेगा,सजेगा ललाट,
मुंह में घोलेगी मिठास मिठाई।
बधाई बधाई भाई दूज की बधाई।
भारत माता भी मुस्काई,
दे दे के रिश्तों की दुहाई
“अनुनय” घर घर खुशियां छाई।
आई आई भाई दूज जो आई।
बधाई बधाई भाई दूज की बधाई।।
राजेश व्यास अनुनय

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