29 रागनी प्यादे भांग का लोटा गोरा

*भोला:- भांग घोट कै प्यादे गौरां , क्यूं करै आंंना कानी तू,*
*पार्वती:- नसा नास की राही भोले, ना करै मन मानी तू..!!टेक!!*

भोला:- किसनै तू बहकादी गौरां नशा नही या बूटी सै,
पार्वती:- किस तरियां समझाऊ तनै , या किस्मत मेरी फूटी सै,
भोला:- बात मेरी ना झुठी सै, क्यू ठारी परेशानी तू।
पार्वती:- कर लिया कर ख्याल मेरा, सै समझदार ज्ञानी तू..!!
१!!

भोला:- किस चिंता नै खाई सै तूँ , मनैं बात बतादे प्यारी
पार्वती:- कुछ भी मनैं सुख मिल्या ना , ब्याह करवाकै हारी
कुणसी होई तेरै बीमारी , ना बोलै कड़वी बाणी तूं ।
मेरी ज्यान का दुश्मन होरया , दुनिया के नां का दानी तूँ..!!२!!

भोला:- पहलयम के तनै जाण नहीं थी , मैं सौ सौ फैल करण आला
पार्वती:- नशे करै और लावै समाधि , धुर दिन तै देख्या भाला
भोला:- क्यूं ब्याही होकै कररी चाला , समझदार घणी स्याणी तूं .!!
पार्वती :- सुल्फ़ा गांझा भांग पी पी , करया कोड़ हानि तूं ३!!

भोला:- तेरी बात सै साच्ची गौरां , नशे की लत हो खोटी
पार्वती:- गुरु कपीन्द्र ना समझैँ वे नर , जिनकी बुद्धि हो मोटी
भोला :- मनजीत पहासोरिया ना तेरी पोटी , कर रह्या सै नादानी तूँ ।
पार्वती:- तेरी दया जै होज्या भोले , सिखादे कलम चलानी तूं !!४!!

*रचनाकार:- पं मनजीत पहासौरिया*
*मो०:- 9467354911*

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