भरोसा

कविता

मुश्किलों से हर मोड़ पर टकराव
मिलेगा ,
यहां कांटो का भरपुर बहाव
मिलेगा ।

डरना नही कठिनाईयो के कसाव
में,
रायसुमारी में आत्मीयता का
अभाव मिलेगा ।

हसरत है मेरी आगे बढ़ने की तहँ
कशमकश की नाव में खिंचाव
मिलेगा ।

मन पर बड़ा प्रतिघात होगा जब
तब नाराजगियो का घाव मिलेगा

काज में दुआ लेकर जाऊं तब
देंने में अपनो में दुर्भाव मिलेगा ।

टूट चुकी रिश्ते की यह डाली
कहराते पत्ते में घाव मिलेगा ।

हार कर गिर जाऊँगा संघर्ष में
उठने की आस दृढ़ निश्चय में
प्रभाव मिलेगा ।

मुझे कोई तम जिंदगी मे भोर
देगा ,
उजाली जिंदगी की लेखनी में
उछाव होगा ।

कशमकश -असमंजस
उछाव -हर्ष
तमन्ना -इच्छा
✍प्रवीण शर्मा ताल
स्वरचित मौलिक रचना

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