.
Skip to content

***बैसाखी पर्व***

Dr Meenaxi Kaushik

Dr Meenaxi Kaushik

कविता

April 12, 2017

रंग रंगीला बैसाखी पर्व है आया
खुशियों ने है रंग जमाया |

चारों तरफ है छाई बहार
दिल में जागी उमंगे हजार|

साकार हुए हैं सबके सपने
मिल कर बैठे सारे अपने |

धरती का मुग्ध हुआ हर कोना
खेतों मे बिखरा है सोना |

देख कर जिसको हर पल
महक रहा किसान का मन आँगन |

तासे ढोलक और बाजे बजे है
देखो सब मस्त मग्न सजे हैं |

चिडियों से वो बाज लडाए
तब गुरू गोबिन्द वो नाम धराए |

देकर प्यारा पंथ खालसा
बन गए वो सबके दिलों के बादशाह |

गंगा मैय्या तब धरा पर आई
भक्ति की है की धारा बहाई

आओ “मीनाक्षी” सब मिल नाचे गाएं
पावन बैसाखी का हम पर्व मनाएं |
डॉ मीनाक्षी कौशिक रोहतक

Author
Dr Meenaxi Kaushik
मांगा नही खुदा से ज्यादा बस इतना चाहती हूँ, करके कर्म कुछ अच्छे सबके दिलों मे रहना चाहती हूँl ईश वन्दना जन सेवा कर जीवन बिताना चाहती हूँ, हर पल हर चेहरे पर मुस्कुराहट लाना चाहती हूँ ||
Recommended Posts
आई बैसाखी
आई बैसाखी, सोने सी धरती फिर, लाई बैसाखी, आई बैसाखी, सूर्य की चमक फिर, लाई बैसाखी, आई बैसाखी, विशाखा नक्षत्र अम्बर में, लाई बैसाखी, आई... Read more
शिक्षक
::::::::::::::::::::::::::::::शिक्षक:::::::::::::::::::::::::::::: वो शिक्षक ही होता है जो हमें बोलना सिखाता है। जो ऊँगली पकड़ कर हमारी हमें चलना सिखाता है। वो शिक्षक ही होता है... Read more
।। रक्षाबन्धन ।।
सावन की हरियाली और रंग बिरंगी राखियों के अनुपम संयोग से बना ये रक्षाबन्धन पर्व - कितना पवित्र और भावनामय है यह दिन । हर... Read more
!!~~होली के रंग~~पर हावी करो प्रेम का रंग~~!!
ये रंग, जो कल चढ़ जाएगा होली के सग संग यह भी धुल जाएगा किसी पर लाल गुलाल किसी पर केसरिया किसी पर किसी का... Read more