बैरी कोरोना!

कितनो के घर बिखर गये, जाने कितने अपनो से दूर हुए।
इस बैरी कोरोना के खातिर, हम सब कितने मजबूर हुए।।
बन्द हुआ कहीं आना जाना, कहीं पक्का रिश्ता टूट गया।
किसी का बिखरा ख्वाब, किसी का दाना पानी छूट गया।।

नव पल्लव मुरझाए, कोमल फूलों के सपने चकनाचूर हुए।
इस बैरी कोरोना के खातिर, हम सब कितने मजबूर हुए।।

पर कौन कहा टिकता है सदा, यह बात भी आनी जानी है।
कुछ बातों का ध्यान धरे तो, समझो खत्म करोना रानी है।।
सोशल डिस्टेंस, साफ सफाई, अनावश्यक नही कोई ढिलाई।
खुद ही रहो सावधान हमेशा, जब तक न मिले इसकी दवाई।।

ध्यान में रखने वाली ये बातें, जो न माने वो सबसे दूर हुए।
इस बैरी कोरोना के खातिर, हम सब कितने मजबूर हुए।।

यही सिखाता शब्द English का, करें CORONA नाम की बात।
C से Clean हाथ रखो, O से Off हो Gatherings एक साथ।।
R से Raise करो Immunity, O से Only चलो पहन के Mask।
N से कहो No हाँथ मिलाना, A से Avoid Rumours का Task।।

ध्यान रखें सबलोग वह बातें, जो W.H.O. से मशहूर हुए।
इस बैरी कोरोना के खातिर, हम सब कितने मजबूर हुए।।

©® पांडेय चिदानंद “चिद्रूप”
(सर्वाधिकार सुरक्षित १५/१२/२०२०)

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