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” बैठे आस लगाये ” !!

भगवती प्रसाद व्यास

भगवती प्रसाद व्यास " नीरद "

गीत

November 4, 2017

तन से लिपटे , वसन कह रहे !
नयनों में कुछ भाव बह रहे !
तपते दिन ने आग उगल दी –
बादल हैं भरमाये !
केश सजा फूल मुरझाया ,
तुम अब तक ना आये !!

भीगा मौसम , नमी हवा में !
खड़ी अकेली , साथ कहाँ है !
रिमझिम रिमझिम , बरसे बूंदे –
बदरा हैं अलसाये !!
अँखियों में अकुलाहट जागी ,
बैठे आस लगाये !!

आज अकेली , नार नवेली !
घिरी हुई है , कठिन पहेली !
प्यार किया है फिर डर कैसा –
तूफां आना आये !!
आकुल मनवा , कांपे थर थर ,
हैं गहराते साये !!

बृज व्यास

Author
भगवती प्रसाद व्यास
एम काम एल एल बी! आकाशवाणी इंदौर से कविताओं एवं कहानियों का प्रसारण ! सरिता , मुक्ता , कादम्बिनी पत्रिकाओं में रचनाओं का प्रकाशन ! भारत के प्रतिभाशाली रचनाकार , प्रेम काव्य सागर , काव्य अमृत साझा काव्य संग्रहों में... Read more
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