बेवजह ही हम उन्हें मनाने जा रहे थे ।

न जाने क्यों बेवजह ही उन्हें मनाने जा रहे थे ।
वो तो किसी और से ही दिल लगाने जा रहे थे ।
मोम जा दिल हो गया, जबसे मोहब्बत की उनसे ।
आज उस दिल में एक दिया वो जलाने जा रहे थे ।

*** प्रियांशु कुशवाहा ” अनजान “

Like Comment 0
Views 12

You must be logged in to post comments.

Login Create Account

Loading comments
Copy link to share