बेला फूल पर गीत

बेला रानी रात को महके ,
भँवरें झूमे चुपके चुपके !
भीनी भीनी खुशबू घर में ,
खुशी मनाये बच्चे सबके !!

सतरँगी तितली फूलों पर ,
फुर्र फुर्र मँडराती है !
बागों में कोयल रानी भी ,
गीत खुशी के गाती है !!

रजनीगंधा से मिलने को
सर्पराज जब आते हैं !
मम्मी पापा देखो देखो ,
हम सब फिर छुप जाते है !!

फूल इकट्ठा कर बेला के ,
गजरा हार बनाते है !
रामू श्यामू शीता गीता ,
मिलजुल त्योहार मनाते है !!

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