कविता · Reading time: 1 minute

बेदर्दो को क्या पता…..

दर्दे दिल में एक बात तो
खास होती है,
सच्चाई से रूबरू
बे हिसाब होती है,
बे दर्दो को क्या पता
सच का स्वाद
सच ही तो खुदा है,
दर्दे दिल में तो बसता खुदा है
बेदर्दो को क्या पता
सच क्या है?
खुदा क्या है?
दर्दे दिल में तो बसता खुदा है…

●●●दिनेश शर्मा●●●

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