बेदर्दो को क्या पता.....

दर्दे दिल में एक बात तो
खास होती है,
सच्चाई से रूबरू
बे हिसाब होती है,
बे दर्दो को क्या पता
सच का स्वाद
सच ही तो खुदा है,
दर्दे दिल में तो बसता खुदा है
बेदर्दो को क्या पता
सच क्या है?
खुदा क्या है?
दर्दे दिल में तो बसता खुदा है…

●●●दिनेश शर्मा●●●

33 Views
सब रस लेखनी*** जब मन चाहा कुछ लिख देते है, रह जाती है कमियाँ नजरअंदाज...
You may also like: