कविता · Reading time: 1 minute

बेटी

एक प्यारी मुस्कान से, सबके दिल पर छा जाती है
होती है दिल का टुकड़ा, पराया धन कहलाती है

तेरे गिरते एक आंसू से, मेरा मन विचलित हो जाता है
तेरी एक हँसी के ख़ातिर, मन लाख जतन कर जाता है

तेरी पायल की छनछन ही, इस तात का दिल धड़काती है
तेरी हर एक अदा निर्मल, तू सबके मन को लुभाती है

तेरे आने से घर आंगन, सब पावन धाम हो जाता है
तुझ से घर में रौनक लगती, तुझसे हर दुख हर जाता है ।

।। आकाशवाणी ।।

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कार्यरत - शिक्षक शिक्षा विभाग (सन इंस्टिट्यूट ऑफ़ टीचर्स एजुकेशन शाहजहांपुर)
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