कविता · Reading time: 1 minute

बेटी ही देवी

मत मारो मॉ मैं तुम्हारी ही तू हूँ ,
बेटा नहीं तो क्या बेटी ही तो हूँ,
मैने सुना था बेटी देवी होती हैं,
तुम भी तो देवी हुई मॉ,
कहीं एक देवी दूसरी को मारती है क्या ?
मैं भी तुम्हारा ध्यान रखूँगी न माँ ,
एक रोटी कम देना लेकिन मत मारो माँ,
तुम भी तो बेटी हो न माँ ,
राखी पर भाई की कलाई सुनी रह न पाए माँ,
मुझे मत मारो माँ,
बेटियां बेटों से अलग तो नहीं
एक बार सोचो न माँ!!
अभिनव

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